From A Life Partner To A Better Half

When I was newly married, I wondered why call one’s life partner the ‘better half’ ? I mean right in the beginning of the relationship why would one agree that the other is better than himself/herself?? Life partner is the appropriate term but better half? I think that’s a title one has to earn, isn’t it? In their married life a couple goes through various … Continue reading From A Life Partner To A Better Half

TERE CHALE JAANE SE …

तेरे चले जाने से…. बच्चे अपने घर बसे , माता-पिता भी चल बसें, भाई-बहन पीछे छूटें, किसे मनाऊँ अकेले में अब, कौन भला मुझसे रूठे । सूनापन दिल में है मेरे, रहने को यह ख़ाली मकान, बस यादों से भरी संग चार दिवारें , तस्वीरों से भरा एक संदूक रखा। सब एक-एक करके चले गए, जीवन में अपनी दिशा चुने, बिछड़ने का ग़म उनसे दिल … Continue reading TERE CHALE JAANE SE …

आजा मेरी प्यारी चिड़िया !!

चूँ-चूँ-चीं-चीं करतीं चिड़ियाँ, हर आँगन में फुदकतीं चिड़ियाँ, खिड़कियों के फ़लक, रोशन-दान के आड़े, घास बुन-बुन घोंसले बनातीं चिड़ियाँ । सूरज कि पहली किरन के संग स्वर सुरीले यूँ गाती चिड़ियाँ, नन्हें राकेश के कोमल मन को खुश कर बहुत ही भाँति चिड़ियाँ । कहते थे बाबा, “ सुन लो राकेश, पंखा तेज़ न चलाना तुम। कोटर में घर उसने बना रखा है, अपनी लापरवाही … Continue reading आजा मेरी प्यारी चिड़िया !!

घर ‘सुकून’ है !

आपके विचार में ऐसा कौनसा शब्द है जो घर कहते ही आपके मन में आता है? जो घर से जुड़ी भावना को बख़ूबी दर्शाता है? चाहे छोटा हो या बड़ा, शहर में हो या गाँव में, एक कमरे का मकान हो या दस कमरों का आलीशान महल घर घर ही होता है, उतना ही अज़ीज़, उतना ही ख़ास, उतने ही चाव से बनाया और सजाया … Continue reading घर ‘सुकून’ है !