Ehsaas – एहसास

सर्द सा मौसम, बारिश की बूँदें, शीशे पर जमा वो ओस का पानी, मिट्टी की ख़ुशबू फूलों की महक, डाली पर फुदकते पंछियों की चहक बरामदे में बैठे संग हम और तुम अदरक के चाय की प्याली में गुम नज़रों से नज़र यू खुलके बोलें इतनी बातें हो गईं दिल से बिना लबों को खोले ! – सोनाली बक्क्षी २८/०९/२०२० Continue reading Ehsaas – एहसास

ज़िंदगी

समय-समय पर रिश्ते बनते हैं, अकस्मात् ही पंछी बन उड़ जाते हैं, ‘मिलना’ चाहें हम ख़ुद चुनते हैं, बिछड़ने पर नियंत्रण किसी का न रहे । जिसकी न की हो कभी कल्पना, अनुभव उसका हर रोज़ करवाती हैं, ये किताब नहीं ज़िंदगी हैं साहब ये अलग ही रंग दिखलाती हैं । सही-ग़लत, काला- सफ़ेद, भिन्न प्रकार हैं, हैं भेद कई, पर जीवन का आचरण है … Continue reading ज़िंदगी

Darling fold your bedsheet please !!

With homeschooling being the best possible option during the present Pandemic time, I thought I must introduce my three year old Soham to take an interest in books. One of the books I ordered through Amazon was ‘Bruno put your toys away’. Bruno, the character of the book irresponsibly leaves his toys on the floor after playing and his grandfather falls stepping on one of … Continue reading Darling fold your bedsheet please !!

अनकही बातें….!

नहीं कहा जो मैंने, तुमने वो सुना क्या कभी ? मेरे अनकहे जज़्बातों से क्या हुए तुम वाक़िफ़ कभी ? वहीं जज़्बात और बातें जो मेरे दिल में दबी, जो शब्दों में मैंने न कभी ज़ाहिर कीं । वो शाम ढलते ही मेरी आँखों में तुम्हारे आने का इंतज़ार, महसूस हुआ क्या तुम्हें, जो ना किया अल्फ़ाज़ से बयान? वो सब्ज़ी के छौंक में मसालों … Continue reading अनकही बातें….!