Saat Phero Ka Saath

लेकर सात फेरे हमने वादे किए,रस्मों -रिवाजों से हम बंध गए,पर क्या ये मंडप, पंडित, कुछ घंटों के मंत्र-जाप हमें सच में बांध पाएँगे ?एक दिन का मिलाप है जो अब हम उम्र भर निभाएँगे ! क्या सच में मुमकिन है सिर्फ़ सात फेरों सेदिलों का एक पल में मिल जाना?मात्र सात फेरों से ही क्या तय होता हैजीवन का सुखमय होना? या दिये संग … Continue reading Saat Phero Ka Saath

अनकही बातें….!

नहीं कहा जो मैंने, तुमने वो सुना क्या कभी ? मेरे अनकहे जज़्बातों से क्या हुए तुम वाक़िफ़ कभी ? वहीं जज़्बात और बातें जो मेरे दिल में दबी, जो शब्दों में मैंने न कभी ज़ाहिर कीं । वो शाम ढलते ही मेरी आँखों में तुम्हारे आने का इंतज़ार, महसूस हुआ क्या तुम्हें, जो ना किया अल्फ़ाज़ से बयान? वो सब्ज़ी के छौंक में मसालों … Continue reading अनकही बातें….!