Pratham Guru
खाना तक खाने का तरीका मुझे आया ना होता, ‘गर प्यार से निवाला तूने खिलाया ना होता | तू थी तभी तो मै हूँ, ये भी भला कोई कहने की बात है, मुस्कुराऊ अगर तो झलक तेरी है दिखती, मेरे कण-कण मे बसे तेरे ही तो जज़्बात है| पहली गुरू, पहला प्यार भी तू है, तेरे ही आशीर्वाद से बरकत, तू मेरे संसार की रूह … Continue reading Pratham Guru
