ख़्याल

जो ख़ुशी दे तुम्हें वो ख़्याल अच्छा है, बशर्ते दिल ना दुखे किसी का तो ख़्याल सच्चा है । ज़रूरी नहीं के आसमान को छूती लंबी इमारत ही हो, जो सुकून दे दिल को तुम्हारे तो दो कमरों का मकान अच्छा है । संरचना कि अहमियत फिर क्या ही है जनाब जो प्यार भरा हो हर वो आशिया बढ़िया है । साथ अनगिनत वर्षों का … Continue reading ख़्याल

Satya (Truth)

There is your truth and there is my truth. As for the universal truth, it does not exists . – Amish Tripathi, author of the Shiva Triology सत्य एक पल में दिन है कहीं, दुजे ही पल में रात, गर्मी से तपती धरा कहीं, कहीं बरखा कि बौछार! दोनों ही सच्चे अपनी जगह, दोनों की अपनी छाप, जो सभी सत्य है अपने आप में फिर … Continue reading Satya (Truth)

Ehsaas – एहसास

सर्द सा मौसम, बारिश की बूँदें, शीशे पर जमा वो ओस का पानी, मिट्टी की ख़ुशबू फूलों की महक, डाली पर फुदकते पंछियों की चहक बरामदे में बैठे संग हम और तुम अदरक के चाय की प्याली में गुम नज़रों से नज़र यू खुलके बोलें इतनी बातें हो गईं दिल से बिना लबों को खोले ! – सोनाली बक्क्षी २८/०९/२०२० Continue reading Ehsaas – एहसास

ज़िंदगी

समय-समय पर रिश्ते बनते हैं, अकस्मात् ही पंछी बन उड़ जाते हैं, ‘मिलना’ चाहें हम ख़ुद चुनते हैं, बिछड़ने पर नियंत्रण किसी का न रहे । जिसकी न की हो कभी कल्पना, अनुभव उसका हर रोज़ करवाती हैं, ये किताब नहीं ज़िंदगी हैं साहब ये अलग ही रंग दिखलाती हैं । सही-ग़लत, काला- सफ़ेद, भिन्न प्रकार हैं, हैं भेद कई, पर जीवन का आचरण है … Continue reading ज़िंदगी