सफ़र ज़िंदगी का…

किसने कहा तुमसे के ज़िंदगी ‘आसान’ होगी ?

ये तो कभी गर्म धूप कभी ठंडी – ठंडी छाँव होगी,

इसमें बारिश की सुखद बूँदें होंगी और रेगिस्तान की तपती लू भी,

कभी पूरे होते सपने होंगे, कभी दिल में दबी आरज़ू भी,

कभी मुस्कान भरी सुबह होगी, कभी आंसुओं से भीगी रातें,

कुछ दिल से जीएँ क़िस्से कहानियाँ, कई अनकही अधूरी बातें,

जैसा भी आएगा वक्त उसे जीकर चलना होगा,

जो पाठ जीवन सिखलाएगा उसे सीखते ही बढ़ना होगा,

थककर कभी जो दो रोज़ तुम बैठो तो उसमें कोई ग़लत बात नहीं,

रूकने का मतलब हारना नहीं जो दिल में जो जज़्बात सही,

हौसले को अपने टूटने न देना चाहे अनुभव जैसे भी आएँगे,

हालातों से अपने डटकर तुम कहना वे तुम्हें कभी हरा ना पाएँगे ।

– सोनाली बक्क्षी

२४/०५/२०२१

4 thoughts on “सफ़र ज़िंदगी का…

Leave a comment