Haath nahi chodna, saath nahi chodna

I read this verse somewhere on the internet – राम युद्ध में तभी जीते जब उनका भाई उनके साथ था और रावण युद्ध में इसलिए हारा क्योंकि उसका भाई उसके ख़िलाफ़ था ! The verse says it all, clear, crisp and to the point. Today on International Brother’s Day I have penned down a poetry on the feelings of a brother who’s brother is not … Continue reading Haath nahi chodna, saath nahi chodna

सफ़र ज़िंदगी का…

किसने कहा तुमसे के ज़िंदगी ‘आसान’ होगी ? ये तो कभी गर्म धूप कभी ठंडी – ठंडी छाँव होगी, इसमें बारिश की सुखद बूँदें होंगी और रेगिस्तान की तपती लू भी, कभी पूरे होते सपने होंगे, कभी दिल में दबी आरज़ू भी, कभी मुस्कान भरी सुबह होगी, कभी आंसुओं से भीगी रातें, कुछ दिल से जीएँ क़िस्से कहानियाँ, कई अनकही अधूरी बातें, जैसा भी आएगा … Continue reading सफ़र ज़िंदगी का…

Shaadi Ka Laddoo….!

Here’s my latest hindi poetry – Shaadi ka Laddoo…! Please note – this poetry is written and narrated for the purpose of fun & entertainment only and no co-relation with any person or disrespect to any relationship or personal belief is intended…!! So please listen to it with an open heart & a jolly mind…enjoy 😁😁💃🏻🕺🏻 शादी का लड्डू शादी का लड्डू चाहे जैसा भी … Continue reading Shaadi Ka Laddoo….!