उड़ान

Nothing is impossible to an awakened mind which is free from the clutches of self doubt, fear, worry and self pity. Udaan – A Flight To Freedom

मन में मेरे कई सवाल

ख़ुद ही बूझे, करे प्रतिवाद,

ढूँढे हल ढूँढे निशान,

ख़्वाहिशें अनगिनत

पाना है जहान ।

जो कुछ पाने को तरसूँ मैं,

जो मिल जाए मेघा सी बरसूँ मैं,

तलब है खुलके जीने की,

उडके आसमाँ को छूने की ।

धरती पर सुकून को पाने की,

कुछ अद्भुत कर दिखलाने की ।

मन को प्रताडीत करते दानव,

शंका , भय, बेचैनी से मैं विफल,

पराजित कर मिटा दूँ इनको,

जीवन सार्थक कर बनूँ सफल ।

आखिर मैं ही नदी हूॅं, मैं ही धरा,

मैं ही वायु, अनंत ऊर्जा ।

अंश है मुझमें विधाता का,

असीस ब्रम्हाण्ड रचयिता का ।

अब न सीमा ना कोई लकीर

रोक सकेगी उड़ान ये मेरी,

दृढ़ निश्चय हैं

लिया संकल्प,

न थकना है, न रूकना है,

मंजिल पर पहुँचकर ही,

करनी है अपनी

‘विजय’ अटल !

– सोनाली बक्क्षी

४ सितंबर, २०२०

8 thoughts on “उड़ान

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