After all ‘ACTIONS’ do speak louder than words..!

My three year toddler Soham was trying to scold my elder eleven year old Mannan with a finger pointing out and a flair of fumbling half understandable combination of words seeing which, even though we couldn’t stop ourselves from laughing at first, we had to instantly when we saw that what we were considering as a harmless funny gesture was in fact offensive for Mannan. … Continue reading After all ‘ACTIONS’ do speak louder than words..!

Saat Phero Ka Saath

लेकर सात फेरे हमने वादे किए,रस्मों -रिवाजों से हम बंध गए,पर क्या ये मंडप, पंडित, कुछ घंटों के मंत्र-जाप हमें सच में बांध पाएँगे ?एक दिन का मिलाप है जो अब हम उम्र भर निभाएँगे ! क्या सच में मुमकिन है सिर्फ़ सात फेरों सेदिलों का एक पल में मिल जाना?मात्र सात फेरों से ही क्या तय होता हैजीवन का सुखमय होना? या दिये संग … Continue reading Saat Phero Ka Saath

कौन बदलाव लाएगा?

नारी का जन्म भारत देश में वैसे तो सम्मान हैं, कुमारिकाएँ यहाँ पूजी जाती हैं, शक्ति रूपिणी माता रानी को मानते हम भगवान हैं । नवरात्रि का पर्व मनाते हैं हम साल में दो बार, मानते हैं माँ के आशीर्वाद से जग में है मुमकिन हर चमत्कार! बेटा भाग्य से मिलता हैं पर सौभाग्य से ही बेटी मिलती है सोश्यल मीडिया में ऐसे चर्चे कई … Continue reading कौन बदलाव लाएगा?

ज़िंदगी

समय-समय पर रिश्ते बनते हैं, अकस्मात् ही पंछी बन उड़ जाते हैं, ‘मिलना’ चाहें हम ख़ुद चुनते हैं, बिछड़ने पर नियंत्रण किसी का न रहे । जिसकी न की हो कभी कल्पना, अनुभव उसका हर रोज़ करवाती हैं, ये किताब नहीं ज़िंदगी हैं साहब ये अलग ही रंग दिखलाती हैं । सही-ग़लत, काला- सफ़ेद, भिन्न प्रकार हैं, हैं भेद कई, पर जीवन का आचरण है … Continue reading ज़िंदगी