आजा मेरी प्यारी चिड़िया !!

चूँ-चूँ-चीं-चीं करतीं चिड़ियाँ, हर आँगन में फुदकतीं चिड़ियाँ, खिड़कियों के फ़लक, रोशन-दान के आड़े, घास बुन-बुन घोंसले बनातीं चिड़ियाँ । सूरज कि पहली किरन के संग स्वर सुरीले यूँ गाती चिड़ियाँ, नन्हें राकेश के कोमल मन को खुश कर बहुत ही भाँति चिड़ियाँ । कहते थे बाबा, “ सुन लो राकेश, पंखा तेज़ न चलाना तुम। कोटर में घर उसने बना रखा है, अपनी लापरवाही … Continue reading आजा मेरी प्यारी चिड़िया !!

The inhuman humans…

5th June, 2020 There is a famous rhyme “हाथी राजा बहुत भले” (hathi raja bohot bhale) which I am sure most of us have learnt in our childhood and still can hear our toddlers recite merrily today. What happened in Kerala recently, was absolutely shameful, inhuman and disgusting act of cruelty against an animal. Just when we all are really suffering with the pandemic phase … Continue reading The inhuman humans…