ज़िंदगी

समय-समय पर रिश्ते बनते हैं, अकस्मात् ही पंछी बन उड़ जाते हैं, ‘मिलना’ चाहें हम ख़ुद चुनते हैं, बिछड़ने पर नियंत्रण किसी का न रहे । जिसकी न की हो कभी कल्पना, अनुभव उसका हर रोज़ करवाती हैं, ये किताब नहीं ज़िंदगी हैं साहब ये अलग ही रंग दिखलाती हैं । सही-ग़लत, काला- सफ़ेद, भिन्न प्रकार हैं, हैं भेद कई, पर जीवन का आचरण है … Continue reading ज़िंदगी

अनकही बातें….!

नहीं कहा जो मैंने, तुमने वो सुना क्या कभी ? मेरे अनकहे जज़्बातों से क्या हुए तुम वाक़िफ़ कभी ? वहीं जज़्बात और बातें जो मेरे दिल में दबी, जो शब्दों में मैंने न कभी ज़ाहिर कीं । वो शाम ढलते ही मेरी आँखों में तुम्हारे आने का इंतज़ार, महसूस हुआ क्या तुम्हें, जो ना किया अल्फ़ाज़ से बयान? वो सब्ज़ी के छौंक में मसालों … Continue reading अनकही बातें….!

उड़ान

Nothing is impossible to an awakened mind which is free from the clutches of self doubt, fear, worry and self pity. Udaan – A Flight To Freedom मन में मेरे कई सवाल ख़ुद ही बूझे, करे प्रतिवाद, ढूँढे हल ढूँढे निशान, ख़्वाहिशें अनगिनत पाना है जहान । जो कुछ पाने को तरसूँ मैं, जो मिल जाए मेघा सी बरसूँ मैं, तलब है खुलके जीने की, … Continue reading उड़ान