स्वयं को खोकर पाने का सफ़र

मिस से मिसेज़ बनते बनते, मेरे अंदर की ‘मिस’ मुझसे ही यू छूट गई, बीवी, बहूँ, माँ बनते बनते मैं, ख़ुद क्या हूँ ये मैं ही भूल गई ! मल्टी टास्कर की भूमिका में मैं ऐसे फिर खोई, घर संसार के टेंशन में देखो कितनी रातों को न सोई! सबके गीले तौलिए, जूते, चप्पल और मोज़े, मेरे ही हाथों को जैसे घर भर बिखरे खोजें … Continue reading स्वयं को खोकर पाने का सफ़र