Pratham Guru

खाना तक खाने का तरीका मुझे आया ना होता, ‘गर प्यार से निवाला तूने खिलाया ना होता |

तू थी तभी तो मै हूँ, ये भी भला कोई कहने की बात है, मुस्कुराऊ अगर तो झलक तेरी है दिखती, मेरे कण-कण मे बसे तेरे ही तो जज़्बात है|

पहली गुरू, पहला प्यार भी तू है, तेरे ही आशीर्वाद से बरकत, तू मेरे संसार की रूह है |

नमन तेरे चरणो मे बारंबार करूंगी, प्रती दिन प्रर्थना मे तेरा नाम लूंगी, के ईश्वर किसी दिन मेरी विनती सुन लेंगे और हर जन्म मे तुझे ही मेरी प्यारी माँ चुनेंगे |

सोनाली बक्शी

10/07/2025

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