गुरु-माँ

संग किसीके तस्वीरें है,

कुछ के संग नही,

यादे भी कुछ-कुछ ताजा है,

कुछ की धुंधला सी गई ।

पर एक बात तो पक्की है,

तस्वीरे हो या ना हो,

पाठ पढ़ा है इनसे जीवन का,

गुरु के रिश्ते मे जैसे माँ हो !

— सोनाली बक्शी

05/09/2024

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