मेरी विदाई

सात फेरे लेकर, मुझे कन्यादान में देकर, बेटी से बहूँ बनते ही मेरी विदाई हो गई, जिनकी थी मैं राज दुलारी, प्यारी बिटिया, लाड़ों रानी, बनके उन्हीं की आँखों का पानी क्षणभर में देखो मैं पराई हो गई ! पापा कहते थे मैं हूँ प्यारी गुड़िया आँगन की चूँ-चूँ करती चिड़िया, उनके जीवन का मैं हूँ अभिमान, मुझमें ही बस्ती है उनकी जान । माँ … Continue reading मेरी विदाई

Shalu, Rahul aur Social Media

FOMO- Fear Of Missing Out , the feeling of not belonging to the league, the fear of being left out incase one doesn’t fit in, merge with, gel in or follow the trend. This is one of the biggest drawbacks of the present day social media world of which we all are an active part. Our day starts with a hoard of ‘good mornings’ from … Continue reading Shalu, Rahul aur Social Media

ख़्याल

जो ख़ुशी दे तुम्हें वो ख़्याल अच्छा है, बशर्ते दिल ना दुखे किसी का तो ख़्याल सच्चा है । ज़रूरी नहीं के आसमान को छूती लंबी इमारत ही हो, जो सुकून दे दिल को तुम्हारे तो दो कमरों का मकान अच्छा है । संरचना कि अहमियत फिर क्या ही है जनाब जो प्यार भरा हो हर वो आशिया बढ़िया है । साथ अनगिनत वर्षों का … Continue reading ख़्याल

After all ‘ACTIONS’ do speak louder than words..!

My three year toddler Soham was trying to scold my elder eleven year old Mannan with a finger pointing out and a flair of fumbling half understandable combination of words seeing which, even though we couldn’t stop ourselves from laughing at first, we had to instantly when we saw that what we were considering as a harmless funny gesture was in fact offensive for Mannan. … Continue reading After all ‘ACTIONS’ do speak louder than words..!

Saat Phero Ka Saath

लेकर सात फेरे हमने वादे किए,रस्मों -रिवाजों से हम बंध गए,पर क्या ये मंडप, पंडित, कुछ घंटों के मंत्र-जाप हमें सच में बांध पाएँगे ?एक दिन का मिलाप है जो अब हम उम्र भर निभाएँगे ! क्या सच में मुमकिन है सिर्फ़ सात फेरों सेदिलों का एक पल में मिल जाना?मात्र सात फेरों से ही क्या तय होता हैजीवन का सुखमय होना? या दिये संग … Continue reading Saat Phero Ka Saath